SWING TRADING KYA HAIN & BEST SWING TRADING STRATEGY IN HINDI 2023

शेयर मार्केट में SWING TRADING एक बहुत ही लोकप्रिय ट्रेडिंग स्ट्रेटजी हैं। जिसका उपयोग वो ट्रेडर्स लोग करते हैं, जो मार्केट से ज्यादा जोखिम नहीं उठाना चाहते। और जो ट्रेडर ट्रेडिंग के लिए अधिक समय नहीं दे सकते। उनके लिए SWING TRADING एक उत्तम विकल्प होता हैं। इस लिए SWING TRADING क्या हैं और स्विंग ट्रेडिंग कैसे करते हैं? ये हम यहां पर समझेंगे।

अब हम विस्तृत रूप में समझेंगे की SWING TRADING स्ट्रेटजी क्या होती हैं , और स्विंग ट्रेडिंग किस प्रकार से किए जाती हैं।

SWING TRADING MEANING AND SWING TRADING STRATEGY

SWING TRADING क्या है ? SWING TRADING MEANING

इस ट्रेडिंग स्ट्रेटजी में एक दिन से लेकर कम से कम कुछ हफ़्तो तक पोजिशन को होल्ड किया जाता हैं। और चुने हुए स्टॉक की प्राइस में हो रही VOLATALITY का फायदा उठाकर ट्रेडिंग किए जाती हैं।  जब स्टॉक प्राइज अपने LOW पर होता हैं, तो उसे ख़रीद लिया जाता हैं। और जब स्टॉक प्राइज HIGH पर जाता हैं, तो उसे बेच कर प्रॉफिट बनाया जाता है। इस तरह से कीए जाने वाले ट्रेडिंग को SWING TRADING कहते हैं।

अब हम समझते हैं कि SWING TRADING कैसे करते हैं ?

SWING TRADING कैसे करें ?

SWING TRADING एक ऐसी ट्रेडिंग पद्धति है जिसमें कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक पोजीशन को होल्ड किया जाता है, और शॉर्ट-टर्म में होने वाली स्टॉक की प्राइज मूवमेंट का फ़ायदा उठा कर ट्रेडिंग किए जाती हैं। यह ट्रेडिंग प्रणाली SCALPING TRADING से बिल्कुल विपरीत होती है, INTRADAY TRADING में एक दिन के अंदर ही ट्रेड पोजिशन स्क्वेयर ऑफ करनी होती है, इस लिए SWING TRADING में इंट्राडे की तुलना में थोड़ा कम जोखिम होता हैं।

SWING TRADING EXAMPLE
TATAMOTORS SWING TRADING EXAMPLE
  • SWING TRADING के लिए सबसे पहले कोई अच्छा स्टॉक या इंडेक्स का चयन करें। जिसमे अच्छी VOLATALITY हो।
  • TECHNICAL ANALYSIS का उपयोग करके सर्व प्रथम कोई अच्छी सी स्ट्रेटजी बनाकर ट्रेड करे।
  • आपने जिस स्टॉक या इंडेक्स को स्विंग ट्रेडिंग हेतु चुना हैं, उसकी प्राइज में चल रहे उतार चढ़ाव को समझ लें।  
  • कब आपको ट्रेड Entry लेनी हैं और कब Exit करना हैं ये सुनिश्चित करे।
  • मार्केट में चल रहे सेंटीमेंट को समझकर ट्रेंड सुनिश्चित करे, और ट्रेड एंट्री करे।
  • आपको SWING TRADING करते समय कितना STOP LOSS और TARGET लगाकर ट्रेड लेना हैं, ये सुनिश्चित करे।
  • आपके कैपिटल अनुसार प्रॉफिट-लॉस रेश्यो सेट करके ट्रेड करे।

आपको उपर बताए गए सभी बातों को समझकर SWING TRADING करनी हैं। इस प्रकार से हमने स्विंग ट्रेडिंग कैसे करते हैं, ये समझ लिया हैं।


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SWING TRADING के लिए STOCK कैसे चुनें ?

SWING TRADING में कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों  तक स्टॉक या इंडेक्स में बनाई हुई ट्रेड पोजिशन को होल्ड किया जाता हैं। इस लिए स्विंग ट्रेडिंग के लिए आप जो स्टॉक या इंडेक्स को चुन रहे होते हो तो कुछ महत्त्वपूर्ण बातों को अच्छे से समझ लेना जरूरी हैं। वह महत्त्वपूर्ण बाते कोनसी हैं, ये हम समझते हैं।

  • VOLATALITY :- हमे स्विंग ट्रेडिंग के लिए सिर्फ ऐसे स्टॉक को चुनना हैं। जिसके प्राइज में अच्छे से उतार चढ़ाव देखने को मिलता हो। मतलब हमेशा स्विंग TRADING के लिए अच्छे VOLATALITY वाले स्टॉक ही चुने। क्यू की ऐसे स्टॉक में प्रॉफिट मिलने की संभावना अधिक होती हैं।
  • MARKET TREND :- शेयर मार्केट में कोनसा ट्रेंड चल रहा हैं। मार्केट पॉजिटिव या निगेटिव मूड़ में चल रहा हैं। उसके अनुसार जिस स्टॉक के प्राइज में अच्छे उतार चढ़ाव बन रहे हो ऐसे स्टॉक के HIGH & LOW को देखकर आप SWING TRADING कर सकते हो।
  • TECHNICAL ANALYSIS :- आप टेक्निकल चार्ट पर कुछ इंडीकेटर को सेट करके भी स्टॉक प्राइज के HIGH & LOW का अंदाजा लगा सकते हो। जैसे की BOLINGER BAND, RSI,MOVEING AVERAGE का उपयोग करके भी स्टॉक प्राइज का HIGH & LOW को समझाना आसान हो जाता हैं।
  • FUNDAMENTAL NEWS :- किसी न्यूज या घटना के कारण मार्केट में कोनसा सेंटीमेंट चल रहा हैं। कोनसे सेक्टर के स्टॉक में उतार या चढ़ाव हो सकता हैं। ये सब जानकारी लेकर ही स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक का चयन करे।

इस प्रकार से बताए गए सभी बातों को समझकर  आपको SWING TRADING करने के लिए स्टॉक को चुनना हैं।

अब हम समझते हैं की स्विंग ट्रेडिंग करने के  कोनसे नियम होते हैं?

SWING TRADING के नियम :-

शेयर मार्केट में SWING TRADING सबसे लोकप्रिय ट्रेडिंग प्रणाली हैं। लेकिन इसका उपयोग करते समय कुछ नियमों का अवश्य पालन करेंगे तो आप स्विंग ट्रेडिंग से अच्छे लाभ प्राप्त कर सकते हो। वह कोनसे नियम हैं ये अब हम समझेंगे।

  • STOCK SELECTION :- स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए आप जिस किसी भी स्टॉक का चयन कर रहे हो उसमे HIGH VOLATILITY होनी आवश्यक होती हैं। क्यू की चुने हुए स्टॉक प्राइज में वोलाटालिटी अधिक होगी तो आपका प्रॉफिट टारगेट कम समय के अंदर ही पूरा होने की संभावना बढ़ जाती हैं। इस लिए SWNING TRADING के लिए हमेशा HIGH VOLATILE स्टॉक का ही चयन करे।
  • TRADING STRATEGY :- स्विंग ट्रेडिंग के लिए आपको एक अच्छे ट्रेडिंग स्ट्रेटजी की आवश्यकता होती हैं। जिस स्ट्रेटजी की एक्युरेसी कम से कम 70/80% निकलती हो ऐसी ही बॅक टेस्टेड स्ट्रेटजी का प्रयोग आपको SWING TRADING के लिए करना हैं। इस लिए एक अच्छी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का उपयोग करके ही स्विंग ट्रेडिंग करे।
  • CAPITAL MANAGEMENT :- स्विंग ट्रेडिंग करते समय आपको आपका सारा कैपीटल एक ही ट्रेड में बिलकुल भी नहीं लगाना चाहिए। आपको किसी ट्रेड में चाहे कितना भी कॉन्फिडेंस क्यू ना हो फिर भी किसी एक ट्रेड में पूरा कैपिटल न लगाए। क्यू की आखिर ये मार्केट हैं अगर उसी ट्रेड में आपका प्रिडिक्शन गलत हो गया तो आपको एक ही ट्रेड में बड़ा लॉस हो सकता हैं। इस लिए एक ही ट्रेड में पूरा कैपिटल लगाकर ट्रेड ना करे।
  • STOP LOSS :- आप चाहे किसी भी प्रकार में ट्रेडिंग कर रहे हो फिर भी आपको STOP LOSS लगाकर ही ट्रेडिंग करना बेहद जरूरी होता हैं। क्यू की ट्रेडर के लिए STOP LOSS एक फ्रेंड जैसा काम करता हैं। स्टॉप लॉस लगाकर ट्रेड करेंगे तो अगर आपका ट्रेंड अनुमान  गलत भी हो जाए तो भी हमे कम नुकसान हो सकता हैं। और होने वाले बड़े लॉस से स्टॉप लॉस हमे बचाता हैं। इस लिए हमेशा स्टॉप लॉस लगाकर ही ट्रेडिंग करे।
  • PROFIT & LOSS RATIO :- स्विंग ट्रेडिंग के लिए आप जो भी TRADING STRATEGY का उपयोग कर रहे हो फिर भी आपका प्रॉफिट और लॉस का रेश्यो(प्रमाण) पहले से सेट होना चाहिए। जैसे की 1:2,1:3 या फिर 1:4 तक आप प्रॉफिट लॉस रेश्यो सेट करके ट्रेडिंग करोगे तो आपको होने वाले प्रॉफिट की संभावना बढ़ जाती हैं। इस लिए हमेशा सही प्रॉफिट लॉस रेश्यो सेट करके ही SWING TRADING करे।

इस प्रकार से हमने यहां पर SWING TRADING के लिए जो जरूरी नियम होते हैं। उसे समझा हैं। इन नियमो का पालन करके ही SWING TRADING करे।

BEST SWING TRADING STRATEGY कोनसी हैं ?

SWING TRADING करने के लिए आप कोनसी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का प्रयोग कर रहे हो ये बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता हैं। क्यू की आप जिस किसी भी स्ट्रेटजी का उपयोग कर रहे हो उसका प्रॉफिट लॉस रेश्यो कम से कम  70/80 % तो जरूर होना चाहिए। इस लिए HIGH एक्युरेसी स्ट्रेटजी का ही स्विंग ट्रेडिंग के लिए उपयोग करे।

SWING TRADING EXAMPLE
TEJASNET SWING TRADING EXAMPLE

शेयर मार्केट में स्विंग ट्रेडिंग के लिए ट्रेडर्स तरह तरह की स्ट्रेटजी का उपयोग करते हैं। उस में से हम कुछ लोकप्रिय ट्रेडिंग स्ट्रेटजी को यहां पर समझेंगे। 

  • MOVING AVERAGE :- मूविंग एवरेज का टेक्निकल चार्ट पर उपयोग करके स्विंग ट्रेडिंग अच्छे से कीए जा सकती हैं। ये एक बहुत ही आसान तरीका हैं। आपको सिर्फ टेक्निकल चार्ट पर 4 घंटे या 1 दिन का टाइम फ्रेम सेट करके  20 या फिर 50 DAYS के EMA को सेट करना होता हैं। जब भी स्टॉक प्राइस EMA के अप साइड ब्रेकआउट देती हैं। तब वहां से आपको छोटा स्टॉप लॉस लगाकर BUY की पोजिशन लेनी हैं। इस तरह से आपको छोटा स्टॉप लॉस के बदले बड़ा प्रॉफिट मिलने की संभावना बढ़ जाती हैं।
  • BREAKOUT STRATEGY :- इस प्रकार की ट्रेडिंग स्ट्रेटजी में आपने जिस स्टॉक को स्विंग ट्रेडिंग के लिए चुना हैं, उसका प्राइस अगर एक ही झोन मे ट्रेड कर रहा हैं , तो ऐसे में उस स्टॉक का प्राइस जब भी ऊपर की साईड में ब्रेकआउट देगा, उस मोमेंट का आपको इन्तजार करना हैं। जब भी स्टॉक का  प्राइस अप साइड जाता हैं, और उस झोन को अप साईड मे ब्रेक कर देता हैं, तो वहा से तुरंत आपको छोटा स्टॉप लॉस लगाकर BUY की पोजिशन लेनी हैं। इस तरह से बड़ी प्रॉफिट रैली मिलने की संभावना अधिक होती हैं। अगर लॉस हुआ तो छोटा होगा और प्रॉफिट बड़ा मिल सकता हैं।
  • SUPPORT & RESISTANCE :- सपोर्ट और रेसिस्टेंस का उपयोग करके भी SWING TRADING आसानी से किए जाती हैं। इस स्ट्रैटेजी में आपको टेक्निकल चार्ट पर PIVOT PONIT इस इंडीकेटर को सेट करना हैं। इसके बाद आपको चार्ट पर ऑटोमेटिकली  सपोर्ट और रेसिस्टेंस लेवल मिल जाएंगे। उसका उपयोग करके आपको आसानी से ट्रेड एंट्री मिल सकती हैं। इसमें  आपको सपोर्ट पर छोटा स्टॉप लॉस लगाकर BUY पोजिशन लेनी हैं। और जब स्टॉक प्राइज रेजिस्टेंस लेवल पर जाता हैं,  वहा पर आपको प्रॉफिट बुक करना होता हैं। इस तरह से बिल्कुल आसान तरीके से आप स्विंग ट्रेडिंग कर सकते हो।
  • MARKET TREND :- अगर आपको शेयर मार्केट का सही नॉलेज हैं, तो आप आसानी से स्टॉक का ट्रेंड BULLIAH हैं या BEARISH चल रहा हैं, इसका अनुमान लगा सकते हो। और मार्केट में चल रहे ट्रेंड को फॉलो करके ट्रेड ENTRY और EXIT कर सकते हो। आपको सिर्फ स्टॉक प्राइज के TREND को ही देखकर जब प्राइज लो पर होगा तो वहा से छोटा स्टॉप लॉस लगाकर BUY पोजिशन लेनी हैं। और HIGH पर प्रॉफिट बुक करके ट्रेड पोजिशन से एक्जिट लेनी हैं। इस तरह से भी आप SWING TRADING कर सकते हो।
See also  DEMAT ACCOUNT KYA HAIN AUR DEMAT ACCOUNT KAISE OPEN KARE ? IN HINDI 2022

इस प्रकार से हमने SWING TRADING के लिए जो बेस्ट ट्रेडिंग स्ट्रेटजी होती हैं, उन्हें यहां पर समझा हैं। लेकिन ध्यान रहे, आपको हमेशा मार्केट का सावधानी और सूझबूझ से अनुमान लगाना हैं। इसी के साथ आपको स्टॉप लॉस लगाकर ही ट्रेडिंग करनी बहुत जरूरी हैं।

अब हम स्विंग ट्रेडिंग को उदाहरण के साथ समझते हैं।

SWING TRADING EXAMPLE :-

मान लीजिए कि WIPRO इस स्टॉक का करंट प्राइज 390₹ पर चल रहा हैं। और आपको लगता हैं, की WIPRO इस स्टॉक का प्राइज 390₹ से  480₹+ जा सकता हैं। तो आप ऐसे में 390₹ के नीचे 20 पॉइंट्स मतलब 370₹ का स्टॉप लॉस लगाकर 470/80₹+ प्रॉफिट टारगेट के लिए 100 क्वांटिटी  BUY करते हो। और आप इस पोजीशन को कुछ दिनों तक होल्ड करके प्रॉफिट का इंतजार करते हो। इसे SWING TRADING कहते हैं।

और फिर कुछ दिनों बाद आपने जैसा अनुमान लगाया था बिल्कुल वैसा ही होकर WIPRO इस स्टॉक  का प्राइज 390₹ से बढ़कर 470₹ हो जाता हैं। तो आपको ऐसी स्थिति में 20 पॉइंट्स के रिस्क लेने के बदले 80 पॉइंट्स का प्रॉफिट हो जाता हैं । और आपने 100 क्वांटिटी को खरीदा था , तो इस लिए आपको 80 पॉइंट्स प्रॉफिट के हिसाब से 8000₹ का प्रॉफिट हो जाता हैं।

इस प्रकार से स्विंग ट्रेडिंग किए जाती हैं। और मार्केट से प्रॉफिट बनाया जाता हैं।

अब हम SWING TRADING के फायदे और नुकसान क्या हैं ये समझते हैं।

SWING TRADING के फायदे :-

SWING TRADING इस ट्रेडिंग प्रकार में एक दिन से लेकर कुछ हफ्तों तक ट्रेड पोजिशन होल्ड करके ट्रेडिंग किए जाती हैं। इस ट्रेडिंग प्रणाली के क्या फायदे होते हैं, ये हम यहाँ पर समझेंगे।

  • LOW RISK :- इंट्राडे ट्रेडिंग की तुलना में स्विंग ट्रेडिंग में समय अधिक होता हैं। इस लिए जब आपकी ट्रेड पोजिशन लॉस में चल रही होती हैं,  तब जल्दबाजी में लॉस बुक करने की कोई आवश्यकता नही होती। 1 दिन से लेकर हफ्तों तक आप पोजिशन होल्ड करके, जब आपका ट्रेड प्रॉफिट में चल रहा हो तब ही प्रॉफिट बुक करके पोजिशन से एक्जिट कर सकते हो। इस लिए समय के अधिक होने के कारण आपका जोखिम यहां बहुत ही कम हो जाता हैं।
  • EMOTION :- इस ट्रेडिंग प्रणाली में हमे कुछ हफ्तों तक का समय मिलता हैं, इस कारण यदि शुरू में हमारी पोजिशन लॉस में चल रही हो, फिर भी हम कुछ ज्यादा परेशान या इमोशन में आकर  पोजिशन लॉस में काटने की नही सोचते। क्यू की हमारे पास समय अधिक होता हैं। इस लिए हम जब प्रॉफिट होगा, तब ही पोजिशन को स्क्वेयर ऑफ करने की सोचते हैं। कहा जाए तो यहां एक प्रकार से इमोशन लेस ट्रेडिंग होती हैं।
  • TIME :- जैसे की इंट्राडे में हमे जब तक हमारी ट्रेड  पॉजिशन स्क्वेयर ऑफ नही हो जाती, तब तक मार्केट को देखना पड़ता हैं। लेकिन स्विंग ट्रेडिंग में हमे कुछ हफ्तों तक का समय मिलता हैं। इस लिए एक बार पोजिशन लेने बाद मार्केट पर नजर रखने की कोई जरूरत नही होती। जिनको ट्रेडिंग के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता उन ट्रेडर्स के लिए स्विंग ट्रेडिंग एक अच्छा विकल्प हैं।
  • BIG PROFIT :- स्विंग ट्रेडिंग में ट्रेडर्स लंबे समय तक पोजीशन होल्ड करते हैं, तो ऐसे में जब उस स्टॉक प्राइस में बड़ी मूवमेंट होती हैं, तो बड़ी प्रॉफिट रैली मिलने की संभावना अधिक होती हैं। इस लिए SWING TRADING में बड़े प्रॉफिट मिल सकते हैं।

SWING TRADING के नुकसान :-

  • CAPITAL :- इंट्राडे ट्रेडिंग में हम अपने ब्रोकर से कुछ परसेंट मार्जिन लेकर ट्रेडिंग कर सकते हैं। लेकिन स्विंग ट्रेडिंग एक दिन से अधिक समय में होती हैं , इस लिए ब्रोकर से हमे मार्जिन नही मिलता। तो हमे स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए पूरा कैपिटल खुद का ही इस्तेमाल करना होता हैं। तो यहां बड़ा कैपिटल की आवश्यकता होती हैं। इस लिए ज्यादा तर स्मॉल केपिटल वाले ट्रेडर्स स्विंग ट्रेडिंग चाहकर भी नही कर सकते।
  • RISK :- स्विंग ट्रेडिंग में जो बड़े इन्वेस्टर होते हैं, वो बड़ी क्वांटिटी को लेकर पोजिशन बनाते हैं। ऐसे में अगर किसी ट्रेड में ट्रेंड अनुमान गलत हो जाए और स्टॉप लॉस हिट हो जाए तो यहां पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
  • ANALYSIS :- इंट्राडे ट्रेडिंग की तुलना में SWING TRADING में बहुत ही रिसर्च और एनालिसिस करना जरूरी होता हैं। सही रिसर्च और एनालिसिस ना हो तो नुकसान हो सकता हैं।

इस प्रकार से हमने यहां पर स्विंग ट्रेडिंग के फायदे क्या हैं और नुकसान क्या होते हैं , ये अच्छे से समझा हैं।

आपने इस लेख से क्या सीखा ?

हमने यहां पर स्विंग ट्रेडिंग क्या होती हैं ? और स्विंग कैसे कीए जाती हैं? ये विस्तृत रूप में समझने की कोशिश की हैं। हमने ये समझा की इस ट्रेडिंग स्ट्रेटजी में 1 दिन से लेकर कुछ हफ्तों तक पोजिशन होल्ड कर सकते हैं। यहां छोटा स्टॉपलॉस लगाकर बडे़ प्रॉफिट टारगेट सेट करके ट्रेडिंग होती हैं। स्विंग ट्रेडिंग स्ट्रेटजी में ट्रेडिंग करने के लिए एक बहुत बड़े कैपिटल की आवश्यकता होती हैं। इस तरह से यहाँ हमने SWING TRADING के बारे में विस्तुत रूप में जानकारी देने का प्रयास किया हैं। ये सब जानकारी आपके लिए उपयुक्त हो ये अपेक्षा करते हैं। आपको ये लेख कैसा लगा और यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हो तो कृपया कॉमेंट्स में लिखिए।

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